देहरादून। क्रिप्टो में ऑनलाइन ट्रेंडिंग करते हुए इस्लाम का कट्टर समर्थक बने वैभव को परिजनों ने पुलिस की सहायता से हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में भर्ती कराया है। यहां उसका कुछ दिनों तक इलाज चलेगा। फिलहाल, डॉक्टरों ने उससे बातचीत के लिए मना किया है। इधर, पुलिस ने उसके लैपटॉप और मोबाइल को जांच के लिए एसटीएफ को भेजा है। इस मामले में अब एसटीएफ भी जांच करेगी। पिछले तीन साल से घर में कैद होकर वैभव इस्लाम का समर्थक बन गया। मूल धर्म से मोह भंग होने पर वह परिजनों से भी विवाद करने लगा। वैभव के परिजनों ने पुलिस से इस संबंध में शिकायत की तो बीते शुक्रवार को मामला प्रकाश में आया। शनिवार को परिजनों ने वैभव को अस्पताल ले जाने के लिए पुलिस से सहायता मांगी।
परिजनों के साथ वह कहीं भी जाने को तैयार नहीं हो रहा था। एसएचओ डोईवाला राजेश साह ने बताया कि वैभव को उपचार के लिए हिमालयन अस्पताल ले जाया गया। यहां पर डॉक्टरों ने उसे तीन-चार दिन देखरेख में रखने के लिए कहा है। वह गहरे अवसाद में बताया गया है। पुलिस ने वैभव के लैपटॉप और मोबाइल आदि कब्जे में लिया है। लैपटॉप की एसटीएफ जांच करेगी। मोबाइल की कॉल डिटेल और पुराना डाटा भी खंगाला जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना रहा है। मामले को लेकर लोग तरह तरह की चर्चाएं करते रहे।


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