मैड्रिड। स्पेन में हुए दर्दनाक हाईस्पीड ट्रेन हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। दुर्घटना में 69 लोगों की मौत के बाद सरकार पर जवाबदेही का दबाव बढ़ गया है। हादसे के छह दिन बाद परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मंगलवार को संसद में हादसे को लेकर कई घंटे तक चली सुनवाई के बाद उन्होंने यह फैसला सार्वजनिक किया। मंत्री का कहना है कि एक साल से भी कम समय में दो बड़े रेल हादसों के बाद पद पर बने रहना उचित नहीं है।
दो बड़े हादसों के बाद ली जिम्मेदारी
संसद में अपना पक्ष रखते हुए ऑस्कर पुएंते ने कहा कि स्पेन जैसे विकसित देश में इतने कम समय के भीतर दो बड़े रेल हादसे होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने माना कि इन घटनाओं के बाद परिवहन मंत्री के तौर पर उनकी नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी बनती है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिजनों के प्रति सम्मान जताते हुए उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया।
कैसे हुआ था भीषण ट्रेन हादसा?
जानकारी के मुताबिक, 28 अक्टूबर को मैड्रिड के दक्षिणी हिस्से में दो हाईस्पीड ट्रेनें आपस में टकरा गई थीं। बताया गया कि एक ट्रेन रेलवे ट्रैक पर खड़ी थी, तभी दूसरी तेज रफ्तार ट्रेन उससे जा भिड़ी। शुरुआती जांच में मैड्रिड-सेविल रेल मार्ग पर सुरक्षा और संचार व्यवस्था में गड़बड़ी की बात सामने आई है।
संचार प्रणाली बंद होने के बाद मैड्रिड स्थित नियंत्रण कक्ष से रेल संचालन संभाला गया। इसी दौरान एक ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई, जबकि उसी ट्रैक पर दूसरी ट्रेन पहले से मौजूद थी। इस चूक के चलते भीषण दुर्घटना हुई और 69 लोगों की जान चली गई।
जनवरी में भी हुआ था बड़ा रेल हादसा
स्पेन में इस साल रेल दुर्घटना का यह दूसरा बड़ा मामला है। इससे पहले जनवरी में मैड्रिड-सेविल मार्ग पर एक ट्रेन पटरी से उतरकर सामने से आ रही दूसरी ट्रेन से टकरा गई थी। उस दुर्घटना में 46 लोगों की मौत हुई थी। घटना की जांच अब भी जारी है। लगातार दो बड़े हादसों ने स्पेन की हाईस्पीड रेल व्यवस्था और उसकी सुरक्षा तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चुनाव से पहले सरकार की बढ़ी मुश्किलें
ताजा दुर्घटना ऐसे समय हुई है, जब स्पेन में राष्ट्रीय चुनाव के लिए करीब चार सप्ताह का समय बचा है। देश का हाईस्पीड रेल नेटवर्क लंबे समय से उसकी तकनीकी उपलब्धियों और बेहतर परिवहन व्यवस्था का प्रतीक रहा है। चीन के बाद स्पेन के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हाईस्पीड रेल नेटवर्क है। करीब तीन दशक तक इस नेटवर्क में कोई जानलेवा हादसा नहीं हुआ था, लेकिन इस साल हुई लगातार दुर्घटनाओं ने इसकी साख को नुकसान पहुंचाया है।
रेल सुरक्षा मजबूत करने की तैयारी
पद छोड़ने से पहले परिवहन मंत्री ने रेल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई उपायों का ऐलान किया था। इनमें रेलवे नियंत्रण कक्षों की कार्यप्रणाली में सुधार और यूरोपीय मानकीकृत रेल सुरक्षा एवं सिग्नलिंग प्रणाली (ईआरटीएमएस) को जल्द लागू करना शामिल है। सरकार का प्रयास है कि तकनीकी खामियों को दूर कर भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


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