देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहा विवाद अब सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। पति की ओर से 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति और महिला एवं बाल विकास विभाग में अनियमितताओं को लेकर लगाए गए आरोपों पर मंत्री रेखा आर्या ने अस्पताल से अपना पक्ष रखा।
अस्पताल के बेड से मीडिया से बातचीत करते हुए रेखा आर्या ने आरोप लगाया कि उनके पति उन पर दर्ज तहरीर वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।
मंत्री के मुताबिक, उनसे कहा जा रहा है कि यदि वह तहरीर वापस ले लेंगी, तो सभी आरोप समाप्त हो जाएंगे। रेखा आर्या ने इसे अपने पति की मंशा से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
मंत्री ने कहा कि वह पिछले 10 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में हैं और उनके विभाग में पारदर्शी व्यवस्था के तहत काम किया जाता है। उन्होंने कहा कि मीडिया भी विभाग की कार्यप्रणाली से परिचित है।
रेखा आर्या ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यदि किसी को कोई संदेह है, तो मामले की जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
मंत्री के इस बयान के बाद अब इस विवाद को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


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