देहरादून। मानसून काल में आंखों में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। कई स्कूलों के बच्चे बीमारी से पीड़ित हैं। जिला अस्पताल में वायरल कंजक्टिवाटिस के रोजाना 30 से 40 लोग पहुंच रहे हैं। जेएलएन जिला अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डा. प्रवीण श्रीवास्तव ने बताया कि वायरल कंजक्टिवाइटिस आंख का संक्रमण है। इसके कारण कंजक्टिवा, पलकों के अंदर और आंख के सफेद हिस्से को ढकने वाली झिल्ली में सूजन और लाली हो जाती है। इसे अक्सर गुलाबी आंख कहा जाता है।
आंखों से पानी या चिपचिपा पदार्थ निकलना।
आंखों में जलन या खुजली महसूस होना।
प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता।
सुबह पलकों पर पपड़ी जमना।
राहत के लिए करें ये उपाय
अपनी आंखों पर ठंडा सेक लगाना।
कृत्रिम आंसुओं का प्रयोग करना।
अपनी आंखें मलने से बचें।
इन बातों का रखें ध्यान
अपने हाथ बार-बार साबुन और पानी से धोएं।
अपनी आंखों को छूने से बचें।
रोग की स्थिति में आंखों के मेकअप से बचें।
आंखों के संपर्क में आने वाली किसी भी सतह को साफ और कीटाणु रहित करें।
दूसरों के साथ तौलिया, वाश क्लाथ या आंखों का मेकअप साझा करने से बचें।
कांटेक्ट लेंस बाहर निकालें और निर्माता के निर्देशों के अनुसार साफ करें।
संक्रमण की स्थिति में तैराकी से बचें।

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