बागेश्वर। जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने बुधवार को कपकोट क्षेत्र के आपदा प्रभावित एवं दुर्गम आंतरिक क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर अतिवृष्टि से सड़कों को हुए नुकसान और क्षेत्र की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने भराड़ी, रीठाबगड़, सोंग, हरसिंग्याबगड़, शामा सहित विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया।
डीएम ने भराड़ी-मुनार मार्ग पर भैंसखाली के समीप गदेरे से क्षतिग्रस्त सड़क तथा उदियारी गांव के पास हुए भूस्खलन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता और मरम्मत कार्यों का विस्तृत आकलन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
ब्रिडकुल द्वारा निर्मित लाहुर-मिकिला-खलपट्टा सड़क की खराब स्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नकौनाबसौरा क्षेत्र में वॉशआउट हुई सड़क का भी निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में महज अस्थायी सड़क बहाली के बजाय वैज्ञानिक, सुरक्षित और टिकाऊ समाधान सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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