गाजीपुर बार्डर खोलने पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि देश के किसान ने कभी भी बार्डरों को बंद नहीं किया। ये बार्डर तो सरकार ने बंद कर रखे थे और अब सरकार खुद ही खोल रही है। बार्डर खुलने से किसान आंदोलन को फायदा होगा और अब उनके ट्रैक्टर सीधे संसद तक जा सकेंगे। सरकार ने कानून बनाया है कि किसान कहीं भी फसल बेच सकता है, अब किसान अपनी फसल संसद में ही बेचेंगे और अपने ट्रैक्टर, ट्राली, आटा-चक्की साथ लेकर जाएंगे
वह शुक्रवार को सफीदों के गांव करसिंधु व रोहढ़ में किसानों के निधन पर शोक व्यक्त करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि देश में किसान के अनाज की बेकद्री हो रही है। किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के सरकार के दावे पूरी तरह से फेल हैं। किसानों का सुझाव है कि सरकार जब मंडियों में फसल नहीं खरीद सकती तो उन्हें संसद में अपना अनाज बेचने की अनुमति दी जाए। हालात यह हो गए हैं कि किसानों की फसलें खरीदना तो दूर उसे फसलें बोने तक के लिए डीएपी, यूरिया व बीज नहीं मिल रहा है। किसानों को समय पर खेती में प्रयोग होने वाले उर्वरक नहीं मिलेंगे तो देश का अन्न उत्पादन निश्चित तौर पर गिरेगा।
किसान से की ये अपील
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि ऐलनाबाद चुनावों में भारतीय किसान यूनियन ने किसी भी पार्टी या उसके प्रत्याशी को कोई समर्थन दिया है। केवल वहां पर किसी द्वारा किसानों की पंचायत को दिया गया उसका सामान लौटाया है। टिकैत ने कहा कि वे पंचायत व गांवों में आपस में सामान का आदान-प्रदान करने में विश्वास रखने वाले व्यक्ति हैं। पंचायत में कोई व्यक्ति अपनी गठरी सौंपकर गया था। उन्होंने सिर्फ उस गठरी को वापस लौटाया है। इसमें किसी को समर्थन देने या ना देने वाली बात कहां से आ गई।
उन्होंने कहा कि सरकार आसानी से मानने वाली नहीं है और यह आंदोलन बहुत लंबा चलने वाला है। किसानों को चाहिए कि वे अपने खेतों व परिवारों का ध्यान रखने के साथ किसान आंदोलन में भी समय जरूर लगाएं। आंदोलन में दाल, चीनी, आटा, लस्सी व दूध लेकर जरूर लेकर जाएं ताकि इस राशन के बलबूते पर आंदोलन सुचारु रूप से चलता रहे।


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